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आतिथ्य उदयोग एंव होटल मैनेजमेंट शिक्षण संस्थान में कोरोना का प्रभाव और 2021 में इसके लिए बनाये गये नियम

कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था में मंदी है. भारत भी इससे अछूता नहीं है। कोरोना वायरस की वजह से जहां आने वाले टूरिस्टों की संख्या कम हुई है, तो वहीं लोगों ने भी घरों से निकलना बंद कर दिया है। इसका असर रेस्तरां होटल इंडस्ट्री और शिक्षण संस्थानों पर भी इसका प्रभाव पडा हैं। कोरोना की वजह से देश के हर सेक्टर को नुकसान पहुंचा है, होटल और टूरिजम इंडस्ट्री को इसकी वजह से ऐसा झटका लगा है लेकिन इस कोरोना काल में होटल इंडस्ट्री ने सरकार के साथ अपना पूरा सहयोग किया जिस समय यह भयावह रुप ले रहा था तब सरकार ने विभिन्न होटल को क्वांरनटीन सेन्टर बनाया और होटल इंडस्ट्री ने अपना पूर्ण योगदान दिया।

आज होटल इंडस्ट्री COVID-19 के मापदण्डों को ध्यान में रखकर अपने व्यवसाय को फिर से सुचारु कर रही हैै क्योकि पूरे भारत में जितने भी लोग काम करने वाले हैं, उनका करीब 12.75 फीसदी हिस्सा होटल और टूरिजम इंडस्ट्री में काम करता है. कोरोना में हुए लॉकडाउन की वजह से अकेले टूरिजम और होटल इंडस्ट्री की करीब 70 फीसदी नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है. आंकड़ों के मुताबिक रेलवे और एयरलाइंस के टिकट कैंसल होने से इंडस्ट्री की हालत और भी खराब हो गई है. फरवरी से लेकर मई के महीने तक इस इंडस्ट्री को सबसे ज्यादा मुनाफा होता था. लोग घूमने के लिए बाहर जाते थे, लोग बाहर से भारत आते थे, लेकिन अब बंदी की वजह से इस पर बुरा प्रभाव पडा है । जब तक कोरोना खत्म नहीं हो जाता, लोग इधर-उधर जाने से डरेंगे, यात्रा करने से बचेंगे, बेहद जरूरी होने पर ही विदेश यात्राएं करेंगे और घूमने की बजाय भविष्य के लिए पैसे इकट्ठे करने पर जोर देंगे। पर्यटन उद्योग से सीधे तौर पर कई और सेक्टर भी जुड़े हुए हैं. जैसे ट्रैवल, होटल और रेस्टोरेंट। कोरोना संकट से उबरने के लिए रेस्तरां और होटल एंव शिक्षण संस्थानों के लिए नये नियम बनाये गये है

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5 और 3 स्टार होटल और रेस्तरां के लिए सीमित संख्या के साथ-साथ अन्य कई नियम जैसे …

  • एंट्री के पहले होगा गेस्ट व उनके लगेज का सेनीटाइजेशन
  • रिसेप्शन पर ही होगी थर्मल स्किनिंग
  • रिसेप्शन की बजाय मोबाइल एप या ईमेल से होगा रूम चेक इन
  • मोबाइल एप से ही होगा खाना ऑर्डर
  • आईपेड के जरिये मिलेगा बिल और ई वॉलेट से हो सकेगा भुगतान
  • होटल में जगह-जगह लगाए जाएंगे हैंड सेनीटाइजिंग स्टेशन
  • स्टाफ ग्लब्स और मास्क से लैस होगा, मेहमानों को भी पहनना पड़ेगा
  • आरोग्य सेतु ऐप जरूरी
  • 50 फीसदी की सीटिंग कैपेसिटी

सैनिटाइज्ड स्टे’ का टैग

जिन होटल्स में सैनिटाइजेशन, हाइजीन और प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट से जुड़े सभी कदम उठाए गए हैं। ऐसी प्रॉपर्टीज को ‘सैनिटाइज्ड स्टे’ का टैग मिलेगा।

मिनिमल टच प्रोसीजर

इसके तहत होटलों में चेक-इन और चेक-आउट, हाउसकीपिंग और रूम सर्विस के दौरान ऐसे तरीके अपनाए जाएंगे, जिनसे कम से कम कॉन्टैक्ट में आना पड़े।

होटल मैनेजमेंट संस्थानो में शिक्षण पद्वति में बदलाव

कोरोना ने स्कूल से लेकर कॉलेजों तक में पढ़ाई का तरीका ही नहीं बदला, बल्कि विषय भी बदल दिए हैं। हेरिटेज इंस्टीटयूट ऑफ होटल एण्ड टूरिज्म COVID-19 के मापदण्डों को ध्यान में रखकर विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहा हैं। यहां विद्यार्थियों को इम्युनिटी बूस्टर व्यंजन बनाने की जानकारी दी जा रही है। मेहमानों के स्वागत से लेकर उनको अटैंड करने और सामाजिक दूरी के पालन की जानकारी दी जा रही है। कोरोना के बाद छात्रों को कांटेक्ट लैस हॉस्पिटेलिटी सर्विस देने का अभ्यास कराया जा रहा है। इसमें इम्युनिटी बढ़ाने वाले व्यंजनों की जानकारी, कॉन्टेक्ट लैस चेकइन से लेकर चेकआउट की जानकारी, हाउसकीपिंग, फ्रंट ऑफिस व कमरों में सैनिटाइजेशन भी सिखाया जा रहा है। केटरिंग, सर्विस के तरीके, कमरे की चाबी संभालाना, भुगतान, ऑर्डर लेना, खाना परोसना हर सर्विस को पूरी सुरक्षा के साथ करना सिखा रहे हैं।

जो अभ्यर्थी Career in Hospitality Management फील्ड में कैरियर बनाने चाहते है तो हेरीटेज इंस्टीटयूट ऑफ होटल एण्ड टूरिज्म, आगरा, होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के लिए बेहतर संस्थान साबित हो सकता है। हेरीटेज इंस्टीटयूट में वक्त और जरुरत के अनुसार पाठयक्रमों में बदलाव किया जाता हैं ताकि छात्रों को इस फील्ड की तमाम नयी बातों से अवगत कराया जा सकें।

For more information, please contact: Best Hotel Management Institute in India

About the Author:

DK. Singh

DK. SINGH
President
Heritage Institute of Hotel & Tourism
Agra & Shimla

https://www.hihtworld.com/agra

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